फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रशांत भूषण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री से मांगी सफाई

Sun, 09 Aug 2020 04:09 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
प्रशांत भूषण - फोटो : फाइल
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री से वरिष्ठ पत्रकार एन राम, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण द्वारा दायर अवमानना अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिका के गलत सूचीबद्ध होने पर सफाई मांगी है।

विज्ञापन


कोर्ट का मानना है कि ऐसा स्थापित मान्यता और प्रक्रिया के विपरीत है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे गलत बताते हुए कहा है कि प्रक्रिया यह है कि याचिका को उसी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाना चाहिए जिस पीठ के समक्ष वह मुद्दा लंबित हो।


मालूम हो कि जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रशांत भूषण के खिलाफ अवमानना मामले पर सुनवाई की थी और इस मामले में पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट सूत्रों के मुताबिक एन राम की याचिका जस्टिस डी.वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस के.एम जोसेफ की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया हालांकि अब इसे हटा लिया गया है।

आपको बता दें कि एन राम, अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण ने शनिवार को उच्चतम न्यायालय के समक्ष एक याचिका दायर की थी। याचिका में न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 2 (सी) (आई) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। याचिका में इसे भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 और 14 के उल्लंघन बताया गया है।
विज्ञापन

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें