कमलनाथ-शिवराज सिंह चौहान
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कांग्रेस पार्टी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि कि जब तक खाली सीटों पर चुनाव नहीं हो जाते तब तक विश्वास मत को टाल दिया जाना चाहिए। कमलनाथ सरकार को बने रहने देने से कोई आसमान नहीं टूट जाएगा। विधायकों का इस्तीफा एक मायने में दल-बदल है। बंधक रखे गए 16 विधायकों को रिलीज किया जाना चाहिए। विधायक अपने इलाके में लोगों के सेवा के लिए होते हैं।
वह इस्तीफा देकर इस तरह से नहीं जा सकते हैं। ये अजीबोगरीब स्थिति है। लोगों ने कांग्रेस को 114 सीटें दी और बीजेपी 109 सीटें जीत पाई। वहां एक स्थायी सरकार 18 महीने से चल रही है। बीजेपी एक जिम्मेदार पार्टी है क्या ऐसी पार्टी से हम ऐसी उम्मीद कर सकते हैं। कल होकर किसी भी दल केविधायकों का अपहरण कर लिया जाए और सुप्रीम कोर्ट में आकर कहा जाए कि फ्लोर टेस्ट कराया जाए।
अदालत को इस तरह की याचिका पर विचार नहीं करना चाहिए। कुद लोग धन-बल के जरिए लोकतांत्रिक मूल्यों को खत्म करने में लगे हुए हैं। राज्यपाल कहते हैं कि कमलनाथ सरकार बहुमत खो चुकी है। आखिर राज्यपाल दफ्तर को यह कैसे पता है।
भाजपा नेताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि कांग्रेस वही पार्टी है जिसने 1975 में इमरजेंसी लगाई थी। पार्टी सिर्फ सत्ता में बने रहना चाहती है। विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है और वह जनता के पास दोबारा जाना चाहते हैं।
ये दलबदल कानून का मामला नहीं है। राज्यपाल राज्य के संवैधानिक मुखिया हैं और उनका यह कर्तव्य है कि वह राज्य में सरकार सुनिश्चित करें। संविधान के तहत ये उनका दायित्व है। यह अजीबोगरीब दलील है कि ये पहले उपचुनाव हो, उसकेबार फ्लोर टेस्ट कराया जाए। कमनाथ सरकार अल्पमत में है लिहाजा उसे बने रहने का अधिकार नहीं है।
विधानसभा अध्यक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि क्या अदालत विधानसभा अध्यक्ष केविवेक को नजरअंदाज कर फ्लोर टेस्ट कराने का निर्देश देगी। उन्होंने कहा कि यह दलील मौलिक रूप से गलत है कि फ्लोर टेस्ट कराने राज्यपाल केअधिकारक्षेत्र में है।
जबकि यह विधानसभा अध्यक्ष के अधिकारक्षेत्र में है। अनुच्छेद-212 अदालत पर विधानसभा के भीतर होने वाली कार्यवाही पर संज्ञान लेने पर रोक लगाती है। नई विधानसभा की स्थिति में ही फ्लोर टेस्ट हो सकता है। मौजूदा विधानसभा में विश्वास मत या अविश्वास मत होता है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि एक मुख्यमंत्री होने केनाते वे बागी विधायकों से मिलना चाहते हैं क्योंकि वे सभी कांग्रेसी हैं।