पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि कई योजनाएं तैयार की जाती हैं लेकिन कदम कोई भी नहीं उठाए जा रहे हैं। साथ ही शीर्ष अदालत ने वन विभाग में भारी रिक्तियों के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि पदों को भरने पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।
सर्वोच्च अदालत ने उत्तराखंड सरकार को बुधवार को फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि जंगल की आग को काबू में करने का राज्य का दृष्टिकोण चिंताजनक है। न्यायमूर्ति बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव को 17 मई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा है। पीठ में न्यायमर्ति एसवीएन भट्टी और न्यायमूर्ति संदीप मेहता भी शामिल हैं।
पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि कई योजनाएं तैयार की जाती हैं लेकिन कदम कोई भी नहीं उठाए जा रहे हैं। साथ ही शीर्ष अदालत ने वन विभाग में भारी रिक्तियों के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि पदों को भरने पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।
वन प्रभाग वनाग्नि की घटनाएं नुकसान
घरों की छतों और बरामदों में राख ही राख
हाल ही में पिथौरागढ़ नगर से सटे टकाड़ी के जंगल में भीषण आग धधकी। रात भर आग लगने से धुआं और राख हवा में फैल गया। जीआईसी और सरस्वती विहार कालोनी के घरों के बरामदे और छतों में सोमवार की सुबह राख ही राख फैली नजर आई।
प्रदेश में नवंबर से अब तक आग की 930 घटनाएं
प्रदेश में नवंबर-2023 के बाद से छह मई तक जंगल की आग की 930 घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें गढ़वाल में 365, कुमाऊं में 491 और वन्यजीव क्षेत्र में 74 घटनाएं हुईं हैं। इन घटनाओं में 1196.48 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वनों को नुकसान हुआ है।