सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय को 10 जनवरी तक चाइल्ड पोर्न पर रोक लगाने के लिए पोर्टल लांच करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह जरुरी है कि बच्चों को अश्लील साहित्य, सोशल नेटवर्क और बलात्कार जैसे वीडियों के देखने पर रोक लगाई जा सके।
एक मामले में करीब तीन साल तक सुनवाई के बाद यह निणर्य लिया गया है। यह सुनवाई हैदराबाद के एक एनजीओ प्रजवला द्वारा एक वीडियो के आधार पर हुई। जिसमें महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया गया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिए कि 10 तारीख तक यह यह पोर्टल तैयार हो साथ ही 8 जनवरी तक पोर्टल की स्थिति पर रिपोर्ट भी मांगी है। एनजीओ की ओर से वकील ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि अदालत इस मामले में केंद्र को सीधे बोले।
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