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'राइट टू प्राइवेसी' पर SC का बड़ा फैसला, कहा- ये आपका मौलिक अधिकार

Thu, 24 Aug 2017 12:57 PM IST
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
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supreme court - फोटो : SELF
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निजता के अधिकार पर सुनवाई कर रहे सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये मौलिक अधिकार है। आधार कार्ड योजना को दी गई चुनौती पर सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है। 9 जजों की पीठ ने सर्वसम्मति से कहा कि आधार की सूचना लीक नहीं कर सकते, साथ ही निजता की सीमा तय करना संभव नहींं है।
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#FLASH Supreme Court's nine judge bench upholds #RightToPrivacy as a fundamental right. pic.twitter.com/dB3yCdABZq — ANI (@ANI) August 24, 2017 आधार पर अलग बेंच का आएगा फैसला, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने ये जरूर कहा है कि आधार और पैन की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। इससे पहले दो अगस्त को सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश जे एस खेहर की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि निजता को मौलिक अधिकार कहा जा सकता है लेकिन यह पूरी तरह से अनियंत्रित नहीं है यानी शर्त विहीन नहीं है। ऐसे में निजता के अधिकार को पूरी तरह से मौलिक अधिकार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।
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पढ़ें: केंद्र सरकार ने SC में कहा- Right to Privacy को नहीं बना सकते फंडामेंटल राइट

निजता को जीवन जीने का अधिकार और स्वतंत्रता के अधिकार के साथ जोड़कर नहीं देखा जा सकता। संविधान सभा में निजता के अधिकार को लेकर चर्चा हुई थी लेकिन इसे संविधान का हिस्सा नहीं बनाया गया। निजता का अधिकार, स्वतंत्रता के अधिकार की ‘उप प्रजाति’ है। लिहाजा हर ‘उप प्रजाति’ को मौलिक अधिकार नहीं कहा जा सकता।

मालूम हो कि आधार मामले पर सुनवाई कर रही पांच सदस्यीय पीठ के पास याचिकाकर्ताओं का दावा किया जा रहा था कि आधार, निजता के अधिकार का उल्लंघन है। पांच सदस्यीय पीठ ने निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है या नहीं, इस मसले पर अंतिम व्यवस्था के लिए इस मसले को नौ सदस्यीय संविधान पीठ के पास भेज दिया था। 
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