आसाराम के खिलाफ मामले में सुनवाई के दौरान जज ने ईडी के वकील पर टिप्पणी की, 'मैं तुम्हे दस से ज्यादा बाबाओं के नाम दे सकता हूं जिनके पास दस हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है और उनके खिलाफ आपराधिक मामले भी चल रहे हैं। क्या आपने उनमें से किसी एक के खिलाफ भी कार्रवाई की है।'
वकील के सामने जज ने व्यांगात्मक लहजे में कहा, पिछले दस सालों में आसाराम के खिलाफ तुमने कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन नाईक के मामले में मैं देख सकता हूं ईडी कितनी तेजी से कार्रवाई कर रही है।
जज ने वकील से ये भी कहा कि वह अब ईडी को नाईक की संपत्ति अटैच करने की अनुमति नहीं दे सकते हैं क्योंकि चार्जशीट में वह इसके लिए नाईक के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सके हैं।