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मनी लांड्रिंगः ईडी पर जज की तल्ख टिप्पणी, नाईक की तरह आसाराम पर क्यों नहीं होती तेज कार्रवाई

Wed, 10 Jan 2018 05:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : PTI
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आसाराम बापू के खिलाफ लंबे समय से चल रहे मनी लांड्रिंग के मामले में पर्याप्त कार्रवाई न करने पर ट्रिब्यूनल के जज ने जांच एजेंसी ईडी की जमकर खिंचाई की। जज ने प्रवर्तन निदेशालय की कार्यप्रणाली पर तल्‍ख टिप्पणी करते हुए कहा- इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाईक के मामले में ईडी जिस तरह तेजी से कार्रवाई करके उनकी संपत्तियों को अटैच करती है वो रफ्तार आसाराम बापू के खिलाफ चल रहे मामलों में नहीं दिखाई देती। 

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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार आसाराम के खिलाफ मनी लांड्रिंग के मामले में सुनवाई कर रहे जज मनमोहन सिंह इस बात से आश्चर्यचकित दिखे कि कथित बाबाओं के मामले में कार्रवाई करने में ईडी काफी सुस्ती बरतता है जबकि जाकिर नाईक के मामले में उसकी कार्यप्रणाली काफी तेज है। 
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ईडी के इस दोहरे रवैये पर जज की यह कठोर टिप्पणी तब आई जब उन्हें पता चला कि आतंकवाद की शिक्षा देने के आरोप में देश से बाहर चल रहे जाकिर नाईक की कई संपत्तियों को ईडी ने मनी लांड्रिंग के मामले में अटैच कर लिया है। बता दें कि जज मनमोहन सिंह प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के अपीलीय ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष हैं।

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जाकिर नाईक के खिलाफ तेज कार्रवाई पर जज ने किया व्यंग्य

आसाराम के खिलाफ मामले में सुनवाई के दौरान जज ने ईडी के वकील पर टिप्पणी की, 'मैं तुम्हे दस से ज्यादा बाबाओं के नाम दे सकता हूं जिनके पास दस हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है और उनके खिलाफ आपराधिक मामले भी चल रहे हैं। क्या आपने उनमें से किसी एक के खिलाफ भी कार्रवाई की है।'

वकील के सामने जज ने व्यांगात्मक लहजे में कहा, पिछले दस सालों में आसाराम के खिलाफ तुमने कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन नाईक के मामले में मैं देख सकता हूं ईडी कितनी तेजी से कार्रवाई कर रही है। 

जज ने वकील से ये भी कहा कि वह अब ईडी को नाईक की संपत्ति अटैच करने की अनुमति नहीं दे सकते हैं क्योंकि चार्जशीट में वह इसके लिए नाईक के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सके हैं।
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