फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- जस्टिस कर्णन के खिलाफ सोच-समझ कर लिया फैसला

Fri, 12 May 2017 10:18 PM IST
amarujala.com- Presented by: Abhishek Tiwari
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट के जज सीएस कर्णन को अवमानना का दोषी ठहराते हुए छह महीने कैद की सजा का फैसला सोच-समझ कर लिया गया था।
विज्ञापन


चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने यह टिप्पणी तब कि जब जस्टिस कर्णन की ओर से पेश वकील मैथ्यू जे नंदूपारा ने ‘तीन तलाक’ पर सुनवाई कर रही पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष 9 मई के आदेश को वापस लेने की याचिका का उल्लेख किया। 

चीफ जस्टिस ने वकील से कहा कि यह पीठ दूसरे मामले पर सुनवाई कर रही है। ऐसे में आपको इस पीठ के समक्ष उल्लेख नहीं करना चाहिए। आप अपनी परेशानी रजिस्ट्री को बताइए। जवाब में वकील नंदूपारा ने कहा कि मैं चीफ जस्टिस को संबोधित कर रहा हूं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री याचिका स्वीकार नहीं कर रही। साथ ही यह भी कहा कि जस्टिस कर्णन को कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है। चीफ जस्टिस ने वकील से कहा कि आप सुबह, दोपहर, शाम यहां आ जाते हैं। आप अपनी याचिका लेकर रजिस्ट्री के पास जाएं। हमने उसे निर्देश दे दिया है।
विज्ञापन

गिरफ्तारी का डर, सुप्रीम कोर्ट से मांफी मांगना चाहते हैं जस्टिस कर्णन

जस्टिस सीएस कर्णन
न्यायमूर्ति सीएस कर्णन के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से आज कहा है कि कर्णन मांफी मांगना चाहते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक कर्णन के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश बिना शर्त माफी मांगना चाहते थे, लेकिन कोर्ट उनकी रजिस्ट्री याचिका स्वीकार नहीं कर रहा है।

कलकत्ता हाईकोर्ट के जज के वकील ने आगे सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि न्यायमूर्ति कर्णन के खिलाफ गिरफ्तारी के आदेश को रोक दिया जाए। आपको बता दें कि अदालत की अवमानना के आरोप में सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधीश कर्णन को छह महीने जेल की सजा सुनाई थी। न्यायमूर्ति कर्णन के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध करते हुए कहा है कि वह आवेदन फाइल कर सकते हैं और जब जज उपलब्ध हो तब सुनवाई हो सकती है। 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के सात न्यायाधीशों की पीठ ने 9 मई को जस्टिस कर्णन को जेल भेज दिया था। इसके अलावा पश्चिम बंगाल पुलिस को उन्हें हिरासत में लेने का आदेश जारी किया था। गौरतलब हो कि जेल की सजा सुनाए जाने वाले कर्णन हाईकोर्ट के पहले वकील हैं। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के सजा के आदेश के बाद न्यायमूर्ति कर्णन के कोलकाता छोड़ चेन्नई में होने की सूचना मिली थी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें