आम्रपाली प्रोजेक्ट (फाइल फोटो)
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आम्रपाली मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बैंकों से कहा कि अब इस प्रोजेक्ट को कोर्ट देख रहा है, आम्रपाली की पूरी संपत्ति कोर्ट रिसीवर के पास आ गई है, इसलिए बैंकों के मन में किसी तरह की शंका नहीं होनी चाहिए।
जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ के समक्ष कोर्ट रिसीवर ने बताया था कि आम्रपाली के प्रोजेक्ट के फंडिंग पर बैंकों में दुविधा है। आम्रपाली का नाम खराब हो गया था इसलिए बैंक पैसे देने से बच रहे हैं। इस पर पीठ ने कहा कि पहले जो हुआ वह हुआ, आज आम्रपाली की संपत्ति कोर्ट रिसीवर के हवाले है। कोर्ट रिसीवर उचित कदम उठाने के लिए अधिकृत हैं। फंडिंग को लेकर रिसीवर का प्रस्ताव हो तो बैंक मेरिट से फैसला करें।
वहीं, घर खरीदारों की ओर से पेश वकील एमएल लाहोटी ने कहा कि आम्रपाली के निदेशकों पर 912 करोड़ रुपये का बकाया है जिसकी वसूली होनी चाहिए। इस पर पीठ ने कोर्ट रिसीवर को फोरेंसिक ऑडिटर के साथ मिलकर योजना बनाकर पेश करने को कहा। सुनवाई के दौरान यूपी पुलिस ने मुकदमे आर्थिक अपराध शाखा को ट्रांसफर करने में देरी का मुद्दा उठाया। जिस पर कोर्ट ने संबंधित अथॉरिटी से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई एक दिसंबर को होगी।