बिकरू कांड की जांच के लिए शीर्ष अदालत तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। इन याचिकाओं में विकास दुबे और उसके गैंग के कई साथियों के एनकाउंटर की जांच सीबीआई या एनआईए या अदालत की निगरानी में कराने की मांग की गई है। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एन सुभाष रेड्डी और जस्टिस ए एस बोपन्ना की पीठ ने याचिकाओं की एक प्रति सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता वकील घनश्याम उपाध्याय का कहना है कि अगर पुलिस द्वारा की गई इन कार्रवाई को जांच के दायरे में नहीं लाया गया तो इससे अराजकता पैदा हो जाएगी। याचिकाकर्ता ने मामले में एफआईआर दर्ज करके सीबीआई जांच की मांग की है।
वहीं, दूसरी याचिका में दिल्ली के एक वकील अनूप प्रकाश अवस्थी ने पुलिस-अपराधी और नेताओं के गठजोड़ की सीबीआई या एनआईए जांच की मांग की है। इसके अलावा एक स्वंयसेवी संस्था ने भी याचिका दी है। याचिकाओं में कहा गया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए जिससे कि इन घटनाओं के पीछे शामिल पुलिसकर्मियों व नेताओं व अन्य लोगों की भूमिका का पता चल सके।