सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने पीठ को विधवाओं के कल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) में विधवा कल्याण पर खर्च करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि सरकार को भरोसा है कि सार्वजनिक उपक्रम इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि विधवाओं के लिए स्वास्थ्य बीमा की योजना है। इसके अलावा विधवा गृहों में रहने वाली महिलाओं के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग की भी योजना है। इस पर पीठ ने कहा कि आपकी योजनाएं सिर्फ कागजों पर दिखती हैं, जमीनी हकीकत कुछ और ही है। पीठ ने सुझाव दिया कि क्यों नहीं आश्रमों में रहने वाली विधवाओं को पास के बाल सुधार गृह या वृद्धाश्रम में काम करने का मौका दिया जाए।