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SC: 'कोई भी संधि देशहित को ध्यान में रखकर होनी चाहिए, विदेशी दबाव में नहीं', सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

Sat, 17 Jan 2026 01:36 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेशी निवेशक टाइगर ग्लोबल से जुड़े एक मामले पर अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई भी संधि या समझौता देशहित को ध्यान में रखकर होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने संधि के समय ध्यान रखी जाने वाली बातों का भी जिक्र किया। 
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर) - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले का फैसला सुनाते हुए अहम टिप्पणी की और कहा कि संधियां या समझौते देशहित को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए, न कि विदेशी सरकारों या संस्थाओं के दबाव में। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, भारत को अपनी टैक्स संप्रभुता की रक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए। पीठ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय टैक्स समझौतों में दाखिल होने पर यह ध्यान रखना चाहिए कि उनका दुरुपयोग न होने पाए। जस्टिस जेबी पारदीवाला ने एक फैसले के दौरान ये टिप्पणियां कीं।
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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
  • अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्व विभाग के फैसले को सही ठहराया। राजस्व विभाग ने अमेरिका की निवेशक फर्म टाइगर ग्लोबल के ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट से बाहर निकलने से हुए कैपिटन गेन पर टैक्स लगाने का आदेश दिया था।
  • जस्टिस पारदीवाला ने अपने आदेश में उन सिद्धांतों का भी उल्लेख किया, जो भारत को अंतरराष्ट्रीय टैक्स संधि करते समय ध्यान में रखने चाहिए। साथ ही इनसे देश की आर्थिक संप्रभुता, राजस्व आधार और जनहित भी सुनिश्चित हो सकें। उन्होंने बताया कि टैक्स संधियां, अंतरराष्ट्रीय समझौते, प्रोटोकॉल पारदर्शी, समीक्षात्मक और ऐसे होने चाहिए, जिन पर मजबूती से सौदेबाजी हो सके। साथ ही इन समझौतों के एग्जिट प्रावधान इतने मजबूत होने चाहिए कि इनमें पक्षपात न हो सके और इनसे देश के रणनीतिक और सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
  • जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि संधिया-समझौते देशहित में होने चाहिए न कि किसी विदेशी सरकार दबाव में। 
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