दिल्ली के पुलिस थानों को कबाड़मुक्त बनाने संबंधी मुद्दे पर विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जब ड्रग्स संबंधित मामले सुनवाई के लिए रखे जाते हैं तो कोर्ट को बताया जाता है कि जब्त की हुई नशीली दवाएं चूहे खा गए। कोर्ट ने पुलिस द्वारा जब्त सामान पर कहा कि जब बेकार पड़े जब्त वाहनों पर कई सालों तक भी कोई मालिकाना हक जताने वाला नहीं आता तो उन्हें क्यों नहीं बेचा जाता है?
दरअसल दिल्ली पुलिस ने चार सप्ताह में निती बनाने संबंधी एक बयान दिया था। जिसमें पुलिस ने कहा था कि थानों में जब्त किए गए सामान और वाहन हटाकर थाने को कबाड़मुक्त बनाया जाएगा। इसके लिए 4 सप्ताह में एक निती बनाई जाएगी। पुलिस के इसी बयान पर जस्टिस मदन बी लोकुर, एसए नजीर और दीपक गुप्ता ने ये ट्प्पणियां की।
बता दें कोर्ट ने इस मामले में मदद करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को भी नोटिस जारी किया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को होगी।