फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: आदेश देने के 10 सेकंड में व्यक्ति खो देगा स्वतंत्रता, दुष्कर्म पीड़िता की याचिका की खारिज

Wed, 07 Dec 2022 05:31 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा, आखिरकार पणजी के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने क्या गलत किया है। उन्होंने सिर्फ इतना कहा है कि वह जमानत अर्जी पर बुधवार को सुनवाई करेंगे।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे आदेश देने में सिर्फ 10 सेकंड लगेंगे लेकिन इसके कारण आरोपी एक और सप्ताह के लिए अपनी स्वतंत्रता खो देगा। कोर्ट ने यह टिप्पणी एक दुष्कर्म पीड़िता की उस याचिका को खारिज करते हुए की, जिसमें उसने आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई से सत्र न्यायालय को रोकने का निर्देश देने की मांग की थी। पीड़िता ने सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी पर 7 दिसंबर को होने वाली सुनवाई एक सप्ताह टालने की गुजारिश की थी ताकि हाईकोर्ट मामले में अपना फैसला ले सके।
विज्ञापन


चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा, आखिरकार पणजी के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने क्या गलत किया है। उन्होंने सिर्फ इतना कहा है कि वह जमानत अर्जी पर बुधवार को सुनवाई करेंगे। इस स्तर पर ट्रायल कोर्ट को रोकना सुप्रीम कोर्ट के लिए सही नहीं होगा। 

ट्रायल कोर्ट में चुनौती देने के भी आदेश
पीठ ने आदेश दिया कि महिला बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ में ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दे सकती है। कोर्ट ने कहा, हमें स्वतंत्रता पर गर्वित होना चाहिए। हमें उस समय दखल देने की जरूरत नहीं है जब दूसरे समाधान मौजूद हों।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें