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SC: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- वोट का हक लोकतंत्र में महत्वपूर्ण, मतदाता को उम्मीदवार की जानकारी पाने का अधिकार

Wed, 26 Jul 2023 05:08 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जस्टिस एस रवींद्र भट व जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने कहा, वोट देने का अधिकार अनमोल है। यह स्वतंत्रता के लिए लंबी व कठिन लड़ाई का परिणाम था, जहां नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का एक अपरिहार्य अधिकार है।
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सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र संविधान की एक अनिवार्य विशेषता है और वोट देना वैधानिक अधिकार है। इसलिए, मतदाता को उम्मीदवार की पूरी पृष्ठभूमि के बारे में जानने का अधिकार है। यह सांविधानिक न्यायशास्त्र का हिस्सा है।

जस्टिस एस रवींद्र भट व जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने कहा, वोट देने का अधिकार अनमोल है। यह स्वतंत्रता के लिए लंबी व कठिन लड़ाई का परिणाम था, जहां नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का एक अपरिहार्य अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता के मदन मोहन राव की चुनाव याचिका दायर करने की वैधता को बरकरार रखते हुए ये टिप्पणियां कीं। राव वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में जहीराबाद से भारत राष्ट्र समिति के नेता भीम राव पाटिल से 6,299 वोटों से हार गए थे। राव ने आरोप लगाया था कि पाटिल ने अपने चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी दी। अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी न देकर नियमों का उल्लंघन किया। तेलंगाना हाईकोर्ट ने 2022 में याचिका रद्द कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश पर रोक लगाते हुए हाईकोर्ट को मामले को नए सिरे से तय करने को कहा। हाईकोर्ट ने चुनाव याचिका दायर करने की अनुमति दी थी। शीर्ष कोर्ट के फैसले से अब पाटिल के खिलाफ राव की ओर से दायर चुनाव याचिका पर विचार किया जाएगा।

वोट देने के मौलिक अधिकार को मान्यता नहीं

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शीर्ष कोर्ट ने इस तथ्य को विरोधाभासी बताया कि लोकतंत्र संविधान का अनिवार्य पहलू होने के बावजूद भारत में वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता नहीं दी गई है। इसे मात्र वैधानिक कहा गया है।

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