सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में इस बात का भी जिक्र किया है कि गोवा में शादी का पंजीकरण करने वाले मुस्लिम व्यक्ति को बहुविवाह नहीं कर सकता। यहां तक कि इस्लाम मानने वालों के लिए वहां पर पहले से ही मौखिक तलाक का प्रावधान नहीं है।
समान नागरिक संहिता का मसला भाजपा के एजेंडे में है। भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र की राजग सरकार ने इसके लिए प्रयास भी किया था। कानून मंत्रालय ने 2016 में इस बारे में विधि आयोग से राय भी मांगी थी। हालांकि, एक सितंबर, 2018 को विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि अभी इसके लिए सही समय नहीं आया है। विधि आयोग ने कहा था कि फिलहाल इसकी जरूरत नहीं है। आयोग ने हिंदू, मुस्लिम व ईसाई पर्सनल लॉ में संशोधन कर महिलाओं के साथ भेदभाव मिटाने की बात कही थी।