सास और ननद ने बॉम्बे हाईकोर्ट से गिरफ्तारी में राहत की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट के आदेश को दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
सुप्रीम कोर्ट ने महिला की खुदकुशी मामले में उसकी सास और ननद को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। महिला ने पति पर दूसरी महिला के साथ संबंध होने का आरोप लगाते हुए शादी के दो महीने बाद ही खुदकुशी कर ली थी। सास और ननद पर भी उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
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सास और ननद ने बॉम्बे हाईकोर्ट से गिरफ्तारी में राहत की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट के आदेश को दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ के समक्ष इनके वकील ने कहा कि दोनों के खिलाफ कोई आरोप नहीं हैं।
इस पर पीठ ने कहा, आप ऐसा क्यों कह रहे हैं जबकि खुदकुशी करने वाली महिला ने दोनों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इसके अलावा जब पति की दूसरी महिला से संबंध के आरोप लगे तो सास और ननद को पीड़िता को संरक्षण देना चाहिए था, जबकि इन दोनों ने उसे खुदकुशी के लिए मजबूर कर दिया।
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पीठ ने कहा, आपको राहत नहीं दे सकते, बेहतर है आप एक सप्ताह में आत्मसमर्पण करें और फिर जमानत के लिए अपील करें। पीठ ने पूछा, आप उस महिला के बारे में सोचिए जिसकी शादी के दो महीने के भीतर ही मौत हो गई।