फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मां को अपने बच्चे को नए परिवार में शामिल करने का हक

Fri, 29 Jul 2022 06:54 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

हाईकोर्ट ने एक मां को बच्चे का उपनाम बदलने और अपने नए पति का नाम केवल ‘सौतेले पिता’ के रूप में रिकॉर्ड में दिखाने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इस तरह का निर्देश क्रूर और नासमझी वाला है। यह अपील पति की मृत्यु के बाद दूसरी शादी करने वाली मां द्वारा बच्चे को दिए जाने वाले उपनाम को लेकर विवाद से संबंधित थी।
विज्ञापन
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसले में कहा कि जैविक पिता की मृत्यु के बाद पुनर्विवाह करने वाली मां बच्चे का उपनाम तय कर सकती है और उसे अपने नए परिवार में शामिल कर सकती है। जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को दरकिनार कर दिया।

विज्ञापन


हाईकोर्ट ने एक मां को बच्चे का उपनाम बदलने और अपने नए पति का नाम केवल ‘सौतेले पिता’ के रूप में रिकॉर्ड में दिखाने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इस तरह का निर्देश क्रूर और नासमझी वाला है। यह अपील पति की मृत्यु के बाद दूसरी शादी करने वाली मां द्वारा बच्चे को दिए जाने वाले उपनाम को लेकर विवाद से संबंधित थी।

बच्चे के उपनाम को बहाल करने के लिए मां ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा जारी निर्देश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि जहां तक बच्चे के पिता के नाम का संबंध है, जहां कहीं भी रिकॉर्ड की अनुमति हो, प्राकृतिक पिता का नाम दिखाया जाएगा और ऐसी अनुमति नहीं हो तो मां के नए पति के नाम का ‘सौतेले पिता’ के रूप में उल्लेख किया जा सकता है। ब्यूरो
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपने पहले पति के निधन के बाद, बच्चे का एकमात्र प्राकृतिक अभिभावक होने के नाते मां को आखिरकार अपने नए परिवार में बच्चे को शामिल करने और बच्चे का उपनाम तय करने से कानूनी रूप से कैसे रोका जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें