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SC: दो बालिग शादी करें तो तीसरा पक्ष दखल नहीं दे सकता

Wed, 07 Mar 2018 09:39 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक बार फिर कहा कि जब दो बालिग लड़का-लड़की अपनी मर्जी से शादी करते हैं तो रिश्तेदार या तीसरा पक्ष इसमें दखल नहीं दे सकता और न ही उनके खिलाफ हिंसा कर सकता। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लड़का या लड़की की पृष्ठभूमि क्या है या वे किसी वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। 

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चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने ये टिप्पणी करते हुए एनजीओ शक्तिवाहिनी की उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया जिसमें दंपती को ऑनर किलिंग से संरक्षण देने की गुहार की गई थी। चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि मैं किसी जाति या ग्राम पंचायत को खाप कहना पसंद नहीं करूंगा बल्कि लोगों का समूह कहना उचित होगा। 

वहीं केंद्र सरकार ने भी कहा कि मर्जी से शादी करने वाले लड़के-लड़कियों को राज्यों द्वारा संरक्षण प्रदान करना चाहिए। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पिंकी आनंद ने कहा कि किसी दंपती को अगर खाप या किसी अन्य समूह से जान का खतरा हो तो शादी का पंजीकरण कराते वक्त अधिकारी को इस बारे में जानकारी देनी चाहिए। जिससे कि उन्हें सुरक्षा दी जा सके। 
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केंद्र सरकार ने साथ ही इस मामले से संबंधित अपना सुझाव पीठ को सौंप दिया। इससे पहले अमाइकस क्यूरी वरिष्ठ वकील राजू रामचंद्रन ने भी पीठ को सुझाव दिया था। 

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