जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का जिक्र करते हुए कहा, अदालत परमादेश जारी कर राज्य को आरक्षण प्रदान करने का निर्देश नहीं दे सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अदालत राज्य सरकार को नागरिकों के किसी भी वर्ग को आरक्षण देने का निर्देश जारी नहीं कर सकती। शीर्ष अदालत ने यह कहते हुए पंजाब में सरकारी मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में स्पोर्ट्स कोटे के तहत तीन फीसदी सीटें आरक्षित करने के न्यायिक आदेश को रद्द कर दिया।
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जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का जिक्र करते हुए कहा, अदालत परमादेश जारी कर राज्य को आरक्षण प्रदान करने का निर्देश नहीं दे सकती।
पीठ ने 2010 और 2020 के बीच दिए चार फैसलों का हवाला दिया, जिनमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण प्रदान करने की शक्ति राज्य के पास है। अदालत नागरिकों के किसी विशेष वर्ग के लिए कोटा निर्धारित करने के लिए नहीं कह सकती।