फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देवेंद्र फडणवीस की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

Tue, 18 Feb 2020 12:27 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
विज्ञापन

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस की उस याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली जिसमें उन्होंने 2014 के चुनावी हलफनामें में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का ब्योरा कथित तौर पर नहीं देने पर मुकदमें का सामने करने के शीर्ष अदालत के फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था।

विज्ञापन

 

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ के समक्ष फडणवीस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि चुनाव लड़ने वाले अन्य उम्मीदवारों के लिए इस मुद्दे के दूरगामी परिणाम होंगे और न्यायालय को एक अक्टूबर 2019 के अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

न्यायालय ने पिछले साल अपने फैसले में बंबई उच्च न्यायालय का फैसला निरस्त कर दिया था। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में फडणवीस को क्लीन चिट दे दी थी और कहा था कि वह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (आरपीए) के तहत कथित अपराध पर मुकदमें का सामना करने के हकदार नहीं हैं।
विज्ञापन


बहस के दौरान रोहतगी ने कहा कि किसी उम्मीदवार के खिलाफ आपराधिक मामला दो सूरतों पर चलाया जा सकता है। पहला आरोप तय होने के बाद मामले की जानकारी नहीं देना और दूसरा दोषी ठहराए जाने की जानकारी नहीं देने पर।

उन्होंने पीठ से कहा, ‘यह मेरे भाग्य को कैद कर लेगा। यह एक अहम प्रश्न है क्योंकि यह अनुच्छेद 21 को प्रभावित करता है। यह ऐसा मुद्दा है जिस पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।’ उच्चतम न्यायालय ने यह फैसला सतीश उइके की अपील पर सुनाया था। उन्होंने बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें