पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे एक दोषी एजी पेरारिवलन की समयपूर्व रिहाई की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे एजी पेरारिवलन की समयपूर्व रिहाई की मांग करने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। पेरारिवलन ने अपनी याचिका में तमिलनाडु सरकार की ओर से सितंबर 2018 में की गई सिफारिश को आधार बनाया है।
विज्ञापन
वर्दीधारी सेवा में कर्मी के किसी भी छल को बर्दाश्त नहीं कर सकते: सुप्रीम कोर्ट
एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा, वर्दीधारी सेवाओं में कर्मचारी से उच्च स्तर की ईमानदारी की उम्मीद की जाती है। उसे कानून का पालन करना जरूरी है और उसके द्वारा किसी तरह के छल को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। शीर्ष अदालत ने बुधवार को इस टिप्पणी के साथ ही राजस्थान में कांस्टेबल की भर्ती में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नहीं देने पर आवेदन रद्द किये जाने को सही ठहराया।
नोएडा सीईओ की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली
वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट के गैर जमानती वारंट के खिलाफ न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी की याचिका पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई। माहेश्वरी की याचिका जस्टिस अब्दुल एस नजीर और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी। जैसे ही मामले की सुनवाई शुरू हुई जस्टिस नजीर ने कहा, जस्टिस कृष्ण मुरारी इस मामले की सुनवाई से अलग रहना चाहते हैं।