सुप्रीम कोर्ट ने बेमन से काम करने और लापरवाही बरतने पर एनसीबी को फटकार लगाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने नशीले पदार्थ के एक मामले में आरोपी को जमानत दी थी जिसे एनसीबी ने चुनौती दी है।
सीजेआई एनवी रमण, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस ऋषिकेश रॉय की पीठ को एनसीबी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा, यह अभियोजन पक्ष की चूक रही कि उसने हाईकोर्ट को आरोपी का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड नहीं बताया।
हाईकोर्ट ने उसे जमानत दे दी है हालांकि वह एक अन्य मामले में हिरासत में होने के कारण रिहा नहीं हुआ है। इस पर पीठ ने कहा, जब आपका पक्ष ही लापरवाह है तो हम इस मामले में क्यों रियायत दिखाएं।
पीठ ने पूछा, इस तरह के बेमन काम का क्या मतलब है? वो लोग गंभीर क्यों नहीं हैं? वह सिर्फ यह चाहते हैं कि बस आरोपी की जमानत रद्द हो जाए। भाटी ने कहा, हम अतिरिक्त हलफनामा देकर कोर्ट को विस्तृत जानकारी देंगे। इस पर पीठ ने कहा, अगर आपकी सरकार बचाव में गंभीर नहीं है तो हम कोई मदद नहीं कर सकते।