ऊंची आवाज में गाना बजाने पर पड़ोसी को तलवार से मारने वाले व्यक्ति को रिहा करने का सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है। जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस नवीन सिन्हा की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि घटना आवेश में आकर अंजाम दी गई। दोषी ने बिना किसी पूर्व नियोजित योजना के हमला किया था।
मामले के मुताबिक, 27 अगस्त 1993 को उत्तराखंड निवासी दीपक का पड़ोसी अपने घर में ऊंची आवाज में गाना बजा रहा था। इससे नाराज दीपक पड़ोसी के गया, जहां तेज आवाज में गाना बजाने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। बाद में दीपक ने पड़ोसी पर तलवार से हमला कर दिया।
पीठ ने फैसले में कहा है कि दीपक पड़ोसी के घर गया, वहां दोनों के बीच कहासुनी हुई। फिर वह घर गया और वहां से तलवार लेकर वापस आया। उसने पड़ोसी की पसली पर तलवार से एक वार किया और वहां से यह कहते हुए भागा कि बाद में तुम्हें देख लूंगा। यह पूरी घटना डेढ़ से दो मिनट के बीच हुई।
पीठ ने कहा कि दीपक का इरादा पड़ोसी की हत्या करने का नहीं था लेकिन उसे इस बात का अहसास था कि उसके वार से मौत हो सकती है। पीठ ने दीपक द्वारा जेल में काटे गए समय को सजा मानते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया है। इससे पहले हाईकोर्ट ने दीपक को गैर-इरादन हत्या का दोषी ठहराया था।