सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान गैर कोविड-19 मरीजों के सभी मेडिकल खर्चों पर ढील देने के लिए तत्काल कदम उठाने का केंद्र और राज्यों को निर्देश देने के लिए दायर याचिका मंगलवार को खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति एनवी रमण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ ने अधिवक्ता एस दास की याचिका खारिज की। पीठ ने इसके अलावा मास्क और सैनिटाइजर को माल और सेवा शुल्क (जीएसटी) से मुक्त करने के लिये दायर याचिका भी खारिज कर दी।
दास ने अपनी जनहित याचिका में दलील दी थी कि देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से लोगों की आजीविका और कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है और अनगिनत परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं।
याचिका में यह भी कहा गया था कि आजीविका अर्जित करने और आमदनी में आए इस ठहराव की वजह से लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए अपनी जमा-पूंजी खर्च करनी पड़ रही है। लोगों के आने-जाने पर लगा प्रतिबंध भी दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है और कोई नहीं जानता कि अब जीवन सामान्य कब होगा।
याचिका में यह अनुरोध भी किया गया था कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा इस मामले में कार्रवाई किए जाने तक सभी मेडिकल और स्वास्थ्य सेवाओं के बिलों पर रोक लगाई जाए।