सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मुंबई के वकील सुनील आह्या द्वारा दायर एक पीआईएल को खारिज कर दिया। इस याचिका में ईवीएम के सुचारू रूप से काम करने के संबंध में सॉफ्टवेयर ऑडिट रिपोर्ट की मांग की गई थी। याचिका को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह याचिका तथ्यहीन है।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने रोहिंग्या शरणार्थियों पर जनवरी तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने आज रोहिंग्या पर सुनवई करते हुए मामले की आखिरी सुनवाई को जनवरी 2019 तक के लिए स्थगित कर दिया है।
बता दें कि म्यांमार में सैन्य अत्याचार के बाद रोहिंग्या मुसलमानों ने बहुत तेजी से पलायन किया था। हजारों की संख्या में रोहिंग्या बांग्लादेश और भारत पहुंचे। रोहिंग्या मुस्लिमों ने भारत में शरण ली जिसका भारत सरकार ने विरोध किया और उन्हें भारत के लिए खतरा तक बताया। भारत ने देश में बसे 40,000 रोहिंग्या शरणार्थियों की 'घर वापसी' के प्रयास शुरू कर दिए हैं। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि 'म्यांमार के नागरिकों' को उनके देश भेजा जाएगा।
म्यांमार में उनके खिलाफ हिंसा के चलते बड़े पैमाने पर रोहिंग्याओं को भारत और बांग्लादेश के लिए पलायन करना पड़ा था। 25 अगस्त, 2017 को म्यांमार के रखाइन प्रांत में हिंसा से रोहिंग्याओं के पलायन की शुरुआत हुई थी। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक तकरीबन 6.5 लाख रोहिंग्या म्यांमार से पलायन कर गए थे।