फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोटबंदी: अलग-अलग अदालतों में चल रही सुनवाई पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का फिर इनकार

Thu, 24 Nov 2016 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट को छोड़ किसी अन्य अदालतों को आदेश जारी करने पर रोक लगाने की केंद्र सरकार की आग्रह को ठुकरा दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम इस तरह का आदेश पारित नहीं कर सकते। चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार की गुहार को ठुकराते हुए कहा कि इस तरह का आदेश देना हमारे लिया उचित नहीं है। पीठ ने कहा कि विभिन्न हाईकोर्ट में इससे संबंधित सुनवाई हो रही है। संभव है कि इनमें तत्काल आदेश की दरकार है। पीठ ने कहा कि हमने सुनवाई के लिए 25 नवंबर की तारीख मुकर्रर की है, तब तक हम देखते हुए कि विभिन्न हाईकोर्ट द्वारा क्या आदेश पारित किए जाते हैं। 
विज्ञापन


हालांकि सुप्रीम कोर्ट सरकार की उस याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो  गया है जिसमें गुहार की गई है किसी एक अदालत में नोटबंदी से जुड़े तमाम मामलों की सुनवाई हो। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि बेहतर होगा कि तमाम याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट या दिल्ली हाईकोर्ट सुनवाई करें। 

सुनवाई केदौरान पीठ ने अटॉर्नी जनरल से मौजूदा स्थिति केबारे में जानना चाहा। पीठ ने पूछा कि क्या नकदी की समस्या में सुधार हुआ। जवाब में अटॉर्नी जनरल ने कहा कि अब स्थिति काफी बेहतर है। कतारें कम हो रही हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव में परेशानी नोटों को एक-जगह से दूसरे जगह पहुंचाने की है, नोट की छपाई को लेकर कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले टकसाल से नोट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया(आरबीआई) मुख्यालय भेजे जाते हैं और वहां से क्षेत्रीय कार्यालयों में भेजे जाते हैं और फिर बैंकों तक पहुंचाएं जाते हैं। 
विज्ञापन


अटॉर्नी जनरल ने यह भी बताया कि अब तक छह लाख करोड़ रुपये बैंकों में जमा हो चुके हैं। बैंकों को नकदी की आवक बड़े पैमाने पर है। आने वाले समय में कर्ज केदरों में कमी आएगी। पैसों में लेन-देन में बड़ी संख्या में लोगों ने डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जहां दूसरे देशों में सकल घरेलु उत्पाद(जीडीपी) में नकदी की हिस्सेदारी महज चार फीसदी है वहीं भारत में यह 12 फीसदी है। 

भारत में इसकेअधिक होने का कारण की वजह जमाखोरी और काला धन भी है। उन्होंने कहा कि इस प्रयास से हम भले ही चार फीसदी न ला पाए लेकिन अगर हम आठ फीसदी में भी लाने में सफल रहते हैं तो भी यह बड़ी सफलता होगी। उन्होंने कहा कि हालांकि यह दुखद है कि कुछ लोगों को परेशानी हो रही है लेकिन आगे चलकर इसके कई फायदे होंगे। साथ ही अटॉर्नी जनरल ने बताया कि सरकार ने बीज की खरीदारी के लिए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों के इस्तेमाल की इजाजत दे दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें