दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर फिर से प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने 11 सितंबर को इस फैसले की घोषणा की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाले दिल्ली सरकार के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि लोगों का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है। जहां सरकार ने पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है, वहां इसका मतलब पूर्ण प्रतिबंध है।
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सांसद मनोज तिवारी ने दायर की याचिका
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद मनोज तिवारी ने न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की पीठ को बताया कि अदालत द्वारा हरित पटाखे फोड़े जाने की अनुमति देने के बावजूद पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
उन राज्यों में जाएं जहां कोई प्रतिबंध नहीं: कोर्ट
पीठ ने कहा कि नहीं, हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे। सरकार ने जहां पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है, इसका मतलब पूर्ण प्रतिबंध है। लोगों का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है। यदि आपको पटाखे जलाने हैं तो उन राज्यों में जाएं जहां कोई प्रतिबंध नहीं है। इस पर वकील ने कहा कि सांसद होने के नाते उनका मुवक्किल अपने मतदाताओं के प्रति जिम्मेदार है और कोर्ट ने स्वयं ही हरित पटाखे फोड़ने की अनुमति दी है।
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जीत का जश्न मनाने के और भी कई तरीके: कोर्ट
पीठ ने उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से सांसद से कहा कि आप लोगों को समझाएं कि वे पटाखे न जलाएं। यहां तक कि चुनाव के बाद विजय जुलूस के दौरान भी पटाखे नहीं फोड़ने चाहिए। जीत का जश्न मनाने के और भी कई तरीके हैं।
सरकार ने 11 सितंबर को इस फैसले की घोषणा की थी
दरअसल, दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर फिर से प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने 11 सितंबर को इस फैसले की घोषणा की थी। पिछले दो साल के दौरान इसी तरह का पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था।