जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की पीठ ने दिल्ली जल बोर्ड से कहा कि वह इसके लिए ऊपरी यमुना नदी बोर्ड के पास जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड के उस आवेदन पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें हरियाणा और पंजाब पर दिल्ली को पानी की कम आपूर्ति करने का आरोप लगाया गया था। जल बोर्ड का कहना था कि दिल्ली में पानी की किल्लत है।
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जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की पीठ ने दिल्ली जल बोर्ड से कहा कि वह इसके लिए ऊपरी यमुना नदी बोर्ड के पास जाए। पीठ ने बोर्ड के आवेदन पर जल्द विचार करने के लिए कहा है। पीठ ने कहा कि समिति की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा के द्वारा पहले की तरह पानी की आपूर्ति की जा रही है।
सुनवाई के दौरान दिल्ली जल बोर्ड की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौर में लोग लगातार हाथ धोते हैं, जिसके लिए पानी की दरकार है। साथ ही अस्पतालों में भी पानी की अधिक जरूरत है। सिंह ने यह भी कहा कि बोर्ड दंतहीन है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट आदेश पारित करे, लेकिन पीठ ने सिंह को ऊपरी यमुना नदी बोर्ड के पास जाने के लिए कहा।