सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर एक याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वह इस बात की निगरानी नहीं कर सकता कि यातायात को कैसे नियंत्रित किया जाना है और कैमरे कैसे लगाए जाने हैं, क्योंकि ये प्रशासनिक मामले हैं। याचिका न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई थी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने पीठ को बताया कि याचिका सड़क सुरक्षा के मुद्दे से संबंधित है। याचिका में दावा किया गया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रावधानों को राज्यों द्वारा ठीक से लागू नहीं किया जा रहा है।
ये सभी प्रशासनिक मामले: कोर्ट
इस पर कोर्ट ने कहा, 'आप चाहते हैं कि हम मोटर वाहन प्रणाली चलाएं? आप हर किसी के सिर पर निगरानी बैठाना चाहते हैं? यही आप कह रहे हैं? आप यही चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट यहां एक परिवहन विभाग खोले और निगरानी करे कि यातायात कैसे मॉनिटर होना चाहिए? कैमरे कैसे लगाए जाने चाहिए? ये सभी प्रशासनिक मामले हैं।
याचिकाकर्ता के वकील ने याचिका वापस लेने की मांग
पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता हर राज्य को अदालत के सामने बुलाने की मांग कर रहा है। कोर्ट ने कहा कि हमें सभी राज्यों को यहां बुलाना चाहिए और सभी को यहां लाने के बाद दावत करनी चाहिए। बताइए किस उद्देश्य से? जब पीठ ने कहा कि वह याचिका पर विचार करने के इच्छुक नहीं है, तो वकील ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। पीठ ने कहा कि कुछ दलीलों के बाद याचिकाकर्ता के वकील ने याचिका वापस लेने की मांग की। ऐसे में वापस ली गई याचिका खारिज की जाती है।