फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन तलाक पर अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

Fri, 02 Nov 2018 01:10 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
विज्ञापन
तीन तलाक पर अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। केरल स्थित मुस्लिम संगठन समस्त केरल जमीयतुल उलेमा ने इस अध्यादेश की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए इसे निरस्त करने का अनुरोध किया था। 
विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। 

बता दें कि मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों का संरक्षण) अध्यादेश 19 सितंबर को अधिसूचित किया गया था। इससे पहले, इस अध्यादेश को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दी थी। ‘तलाक-ए-बिद्दत’ के नाम से प्रचलित एक बार में तीन तलाक की प्रथा में एक मुस्लिम शौहर एक ही बार में तीन बार तलाक-तलाक-तलाक कहकर अपनी पत्नी को तलाक दे सकता है। 

पिछले महीने जारी अध्यादेश के अंतर्गत तीन तलाक को गैरकानूनी और शून्य घोषित करते हुए इसे दंडनीय अपराध घोषित कर दिया गया है। ऐसा करने पर पति को तीन साल की जेल की सजा हो सकती है। हालांकि इस कानून के दुरुपयोग की आशंका को दूर करते हुए सरकार ने इसमें आरोपी के लिए जमानत का प्रावधान करने जैसे कुछ सुरक्षा उपाय भी किए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन



और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें