सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि पुलिस को इस मामले की जांच करने दीजिए। वहीं सुशांत के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की है।
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने कहा कि मुंबई पुलिस को अपनी जांच करने दीजिए और अगर आपके पास कुछ है तो इसके लिए बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर की जा सकती है।
इस अभिनेता की मौत के मामले की सीबीआई से जांच के लिये याचिका दायर करने वाली अल्का प्रिया के वकील से पीठ ने कहा, अगर आपके पास कुछ ठोस दिखाने के लिए है तो आप बंबई उच्च न्यायालय जाएं।
परिवार ने कैविएट दाखिल की
वहीं, सुशांत के परिवार ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की है ताकि रिया चक्रवर्ती की तरफ से केस मुंबई ट्रांसफर किए जाने को लेकर दाखिल की गई अर्जी पर उनका पक्ष भी सुना जा सके। बॉलीवुड अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने बुधवार को दायर याचिका में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों को लेकर पटना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी मुंबई स्थानांतरित करने और बिहार पुलिस द्वारा की जा रही जांच पर रोक लगाने का न्यायालय से अनुरोध किया है।
बिहार सरकार ने भी कैविएट दाखिल की
उधर, बिहार सरकार ने उच्चतम न्यायालय में कैविएट दायर करके अनुरोध किया कि सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती की याचिका पर अगर कोई आदेश सुनाया जाता है, तो पहले उसका भी पक्ष सुना जाए।
अंकिता से भी पूछताछ
इसके अलावा बिहार पुलिस ने आज मुंबई में अंकिता लोखंडे से भी पूछताछ की।
बिहार पुलिस ने दर्ज किए बयान
दूसरी तरफ मुंबई पहुंची बिहार पुलिस ने सुशांत की बहन मीतू सिंह और उनके दोस्त महेश कृष्णा शेट्टी का बयान दर्ज किया। सुशांत की बहन ने बताया कि रिया ने सुशांत को पूरी तरह अपने वश में रखा हुआ था। उन्होंने कहा कि रिया उसे भूत-प्रेत की कहानियां सुनाती थी, ताकि वह घर खाली कर दे और उसने ऐसा ही किया।
वहीं, बिहार पुलिस अब सुशांत सिंह के बैंक खाते की जांच करेगी। साथ ही उन सभी डॉक्टरों से पूछताछ की जाएगी, जिन्होंने सुशांत का इलाज किया था।
इससे पहले, सुशांत सिंह राजपूत के पिता के वकील और पूर्व एडिशनल सॉलिसीटर जनरल विकास सिंह ने मुंबई पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा था कि पहले पटना पुलिस भी झिझक रही थी लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री संजय झा ने जब उन्हें मामला समझाया तो उन्होंने एफआईआर दर्ज की।
विकास सिंह ने कहा था कि अब एफआईआर दर्ज हो चुकी है और परिवार सदमे में हैं। मुंबई पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है बल्कि वे उन्हें (सुशांत के परिवार) बड़े प्रोडक्शन हाउस के नाम देने और उन्हें इसमें शामिल करने को बोल रही है। यह अब एक अलग दिशा में जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा था कि पटना पुलिस पहले थोड़ी हिचकिचा रही थी लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री संजय झा ने उन्हें मामला समझाया और एफआईआर दर्ज की गई। हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच पटना पुलिस करे। परिवार ने अभी तक सीबीआई जांच की मांग नहीं की है।