बहुविवाह और निकाह-हलाला के खिलाफ दायर याचिकाओं पर जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। भाजपा नेता व वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय से शुक्रवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की गुहार की, लेकिन पीठ ने उनके आग्रह को ठुकरा दिया।
चीफ जस्टिस ने कहा कि वह संविधान पीठ का जल्द गठन करने की स्थिति में नहीं हैं। मालूम हो कि इस मामले में केंद्र सरकार को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। गत वर्ष जुलाई में इस मामले को बड़ी पीठ के पास भेज दिया गया था।
निकाह-हलाला वह प्रथा है कि जिसके तहत तलाकशुदा महिला को अपने पति के साथ पुन: वापस जाने के लिए पहले किसी दूसरे पुरुष से शादी करनी होती है और उसे तलाक देने के बाद उसे अपने पूर्व पति से निकाह करना पड़ता है। जबकि बहुविवाह मुस्लिम पुरुष को चार पत्नी रखने की इजाजत देता है।