सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 1984 सिख दंगों से संबंधित मुकदमों की दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। दिल्ली हाईकोर्ट ने 11 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ फिर से सुनवाई क्यों नहीं होनी चाहिए।
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पूर्व पार्षद बलवान खोखर और पूर्व विधायक महेंद्र यादव समेत ये सभी 11 लोग पांच मुकदमों में निचली अदालतों से बरी हो चुके हैं। हाईकोर्ट ने इन मुकदमों की फाइल देखने के बाद स्वत: संज्ञान लेते हुए इन सभी लोगों नोटिस जारी किया।
इस फैसले के खिलाफ यादव सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। उन्होंने अदालत से कहा कि हाईकोर्ट के पास उन मुकदमों में स्वत: संज्ञान लेने का अधिकार नहीं है, जिसमें वे बरी हो चुके हैं। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा समेत तीन सदस्यीय पीठ ने यादव की मांग मानने से इनकार कर दिया।
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इन 11 लोगों पर एक और दो नवंबर, 1984 में दिल्ली के छावनी क्षेत्र में दंगों के दौरान कई अपराध में शामिल होने का आरोप लगा था और बाद में वे बरी हो गए। दंगों के एक अन्य मामलों की सुनवाई के दौरान जब इनके मुकदमों का रिकॉर्ड हाईकोर्ट के सामने रखा गया।
हाईकोर्ट ने इन मामलों में दोषियों को सजा न मिलने पर नाराजगी जताई और बरी हो चुके लोगों को नोटिस जारी किया।