केरल ड्राफ्ट मतदाता सूची विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। इसके तहत कोर्ट ने चुनाव आयोग को केरल की एसआईआर प्रक्रिया में कटे नामों को सार्वजनिक करने और आपत्ति दर्ज कराने की तिथि बढ़ाने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने केरल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची में कटे नामों को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इसके मकसद पर जोर देते हुए बताया कि इसका मकसद यह है कि प्रभावित मतदाता अपने नाम हटाए जाने के खिलाफ आपत्ति दर्ज कर सकें। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने निर्वाचन आयोग से यह भी कहा कि नाम हटाए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि बढ़ाने पर विचार किया जाए, और संभव हो तो इसे दो हफ्ते बढ़ाया जाए।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में केरल की एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ कई याचिकाओं की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं में आईयूएमएल के वरिष्ठ नेता पीके कुनहलीकुट्टी सीपीआई-एम के एमवी गोविंदन मास्टर, सीपीआई के सनी जोसेफ और सीपीआई राज्य परिषद शामिल हैं। याचिकाओं में कहा गया कि वर्तमान में की गई एसआईआर प्रक्रिया तकनीकी गलतियों और मजबूत शिकायत निवारण तंत्र की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोगों को मताधिकार से वंचित कर सकती है।