सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक जिला जज के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक जांच पर रोक लगा दी। जिला जज के खिलाफ एक महिला न्यायिक अधिकारी ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। कोर्ट ने इस संबंध में दायर याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से जवाब मांगा है।
चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, जब भी किसी जज के नाम पर ऊपरी अदालतों में न्यायाधीश के तौर पर विचार का प्रस्ताव आता है तो ऐसे आरोप लगने लगते हैं। यह एक परंपरा सी बन गई है। पीठ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें उसने कहा था कि जज के खिलाफ यौन शोषण मामले की जांच जारी रखी जाए। आरोपी जज का नाम हाईकोर्ट में जज के तौर पर पदोन्नति के लिए बढ़ाया गया था।
हाईकोर्ट ने 14 अगस्त को जिला जज की याचिका खारिज कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक जांच बढ़ाने के लिए लैंगिक संवेदीकरण आंतरिक शिकायत समिति को निर्देश दिया था। अधीनस्थ न्यायिक सेवा की एक महिला न्यायिक अधिकारी ने 7 मार्च, 2018 को जिला जज के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया था।