देशभर में पैदल चलने वालों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह देश में पांच शहरों की पहचान करे, जहां हर सड़क के साथ अतिक्रमण-मुक्त और स्पष्ट रूप से चिह्नित फुटपाथ बनाने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सके। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि इन निर्देशों को जमीन पर लागू करने के लिए कौन-सा केंद्रीय प्राधिकरण जिम्मेदार होगा। पीठ ने केंद्र की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से कहा कि इस काम के लिए तय की जाने वाली अथॉरिटी के पास पर्याप्त बजट, कर्मचारी और जरूरी बुनियादी ढांचा होना अनिवार्य है, ताकि फुटपाथ निर्माण का काम बिना रुकावट पूरा हो सके। इस पर सरकारी वकील ने जल्द जानकारी पेश करने का भरोसा दिया।