उग्रवादग्रस्त मणिपुर में सुरक्षा बलों की ओर से हुई फर्जी मुठभेड़ों और संदिग्ध तरीके से की गई हत्याओं की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जिस विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, सरकार उसे जरूरी सहायता मुहैया कराएगी।
मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने शनिवार को शीर्ष अदालत की ओर से सीबीआई के पांच अफसरों को लेकर एसआईटी के गठन के फैसला का स्वागत करते हुए कहा है कि मानवाधिकारों की रक्षा करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि फर्जी मुठभेड़ों और हत्याओं के दोषियों को सजा दिलाने के लिए राज्य सरकार हर संभव सहायता मुहैया कराएगी।
ध्यान रहे कि सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के पांच अफसरों को लेकर एसआईटी का गठन करने का निर्देश देते हुए उसे सेना, असम राइफल्स और पुलिस की ओर से की गई उक्त मुठभेड़ों व हत्याओं की जांच करने का आदेश दिया है।
इस टीम का गठन दो सप्ताह के भीतर किया जाना है। उसके बाद वह प्राथमिकी दर्ज कर इस मामले की जांच शुरू करेगी। मानवाधिकार संगठनों ने इस मामले में एक याचिका दायर की थी। उसी आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया।