सुप्रीम कोर्ट ने रांची के डीसीपी को दुष्कर्म पीड़िता के नाबालिग बच्चों को उनके 14 साल पूरे होने तक निशुल्क शिक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। तीन सदस्यीय पीठ ने इस बात को ध्यान में रखते हुए कि दुष्कर्म पीड़िता को न केवल मानसिक पीड़ा से गुजरना पड़ता है, बल्कि समाज में भेदभाव का शिकार भी होना पड़ता है, उपायुक्त को पीड़िता को किसी सरकारी योजना में घर दिलाने पर भी विचार करने को कहा।
झारखंड की महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रांची के एसएसपी और अन्य सक्षम अधिकारियों को याचिकाकर्ता को दी गई पुलिस सुरक्षा की समय समय पर समीक्षा करने का भी निर्देश दिया गया है। पीठ ने रांची के जिला न्यायिक सेवा प्राधिकरण से कहा कि पीड़िता के हितों की रक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर उसे कानूनी सेवा मुहैया कराई जाए। दरअसल पीड़िता के अपहरण के बाद उसके पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी।
बाद में आरोपी को पकड़ लिया गया और पीड़िता के पिता व पुलिस ने उनकी शादी करवा दी, लेकिन उसने महिला को तलाक दे दिया। पीड़िता ने भरण पोषण और बेटे की कस्टडी के लिए पति के खिलाफ शिकायत दी। 8 जून, 2020 को जब वह डाल्टनगंज बेटे से मिलने गई तो चार लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।