सुनवाई के दौरान फ्लैट खरीदारों के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सुपरटेक का कहना है कि सिर्फ उन लोगों को ही रिफंड दिया जाएगा, जिसने अवमानना याचिका दायर की है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी खरीदारों को ब्याज सहित रिफंड मिलना चाहिए। सुपरटेक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एस गणेश ने पीठ को भरोसा दिलाया कि सभी को रिफंड मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रियल इस्टेट कपंनी सुपरटेक से कहा है कि वह नोएडा एक्सप्रेस स्थित एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के ट्विन टावर के फ्लैट खरीदारों को 28 फरवरी तक रकम वापस कर दे। मालूम को कि अदालत के आदेश के तहत इन ट्विन टावर को गिराया जाना है। जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने इस मामले में न्याय मित्र वकील गौरव अग्रवाल द्वारा तैयार किए गए रिफंड फार्मूले को स्वीकार कर लिया है।
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साथ ही पीठ ने कहा है कि न्याय मित्र, फ्लैट खरीदार और सुपरटेक के प्रतिनिधि बैठक कर रिफंड के तरीके को अंतिम रूप देंगे। शीर्ष अदालत ट्विन टावर के कुछ खरीदारों द्वारा दायर अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इन याचिकाकर्ताओं का कहना था कि बिल्डर उन्हें अदालत के आदेश के मुताबिक रकम वापस नहीं कर रहा है।
सुनवाई के दौरान फ्लैट खरीदारों के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सुपरटेक का कहना है कि सिर्फ उन लोगों को ही रिफंड दिया जाएगा, जिसने अवमानना याचिका दायर की है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी खरीदारों को ब्याज सहित रिफंड मिलना चाहिए। सुपरटेक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एस गणेश ने पीठ को भरोसा दिलाया कि सभी को रिफंड मिलेगा।
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मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त 2021 को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पारित उस आदेश को बरकरार रखा था, जिसमें भवन मानदंडों के उल्लंघन के लिए सुपरटेक के नोएडा एक्सप्रेस स्थित एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट के 40 मंजिले ट्विन टावर-16(अपेक्स) और 17(स्यान) को ढहाने का आदेश दिया गया था। सुपरटेक को तीन महीने के भीतर टावरों को गिराने का कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया था। ढहाने का कार्य नोएडा के अधिकारियों की देखरेख में होने की बात कही गई थी। सुपरटेक को इस मद होने वाले खर्च का वहन करने के लिए कहा गया था।
साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक को दो महीने के भीतर ट्विन टावरों के फ्लैट खरीदारों को 12 फीसदी प्रति वर्ष ब्याज के साथ राशि वापस करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा कोर्ट ने बिल्डर को एक महीने के भीतर एमरॉल्ड कोर्ट ओनर रेजिडेंट्स वेलफेयर असोसिएशन को हर्जाने के तौर पर दो करोड़ रुपए का भुगतान करने का भी निर्देश दिया था।
नोएडा प्राधिकरण से 25 करोड़ रुपये वापस दिलाने की गुहार
इस बीच सुपरटेक लिमिटेड ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार की है कि जिन दो टावरों को गिराने का आदेश जारी किया गया है, उनकी जमीन और एफएआर खरीदने के लिए नोएडा प्राधिकरण को चुकाए गए 25 करोड़ रुपये वापस दिलाए जाएं। सुनवाई के दौरान सुपरटेक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एस. गणेश ने कहा कि इन ट्विन टावर को बनाने के लिए कंपनी ने नोएडा प्राधिक रण से अतिरिक्त एफएआर खरीदा था। इसके लिए 25 करोड़ रुपये चुकाए गए थे। अब यह टावर गिराए जाने के बाद अतिरिक्त एफएआर किसी काम नहीं आएगा। इसके लिए हमने नोएड प्राधिकरण को प्रार्थना पत्र देकर यह स्कम लीटने का अनुरोध किया है, लेकिन नोएडा उनके प्रार्थना पत्र को दबाकर बैठ गया कोई जवाब नहीं आया। इसलिए अदालत से अनुरोध है कि प्राधिकरण को उनके प्रार्थना पत्र पर निर्णय लेने का आदेश दिया जाए।