नोटबंदी के करीब ढाई साल बाद 1.17 करोड़ के पुराने 500 व 1000 के नोट बैंक में जमा कराने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आरबीआई को नोटिस जारी किया है। जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने तमिलनाडु के व्यवसायी के. रमण की याचिका पर परीक्षण करने का निर्णय लेते हुए भारतीय रिजर्व बैंक को नोटिस जारी किया है।
साथ ही पीठ ने इस मामले को पुराने मामलों के साथ जोड़ दिया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्हें पुराने नोटों को जमा करने की इजाजत नहीं देना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने पीठ से कहा कि उन्होंने कई बार पुराने नोटों को बैंकों में जमा कराने की कोशिश की, यही नहीं आरबीआई से भी नोटों को बदलने की कोशिश की लेकिन वह सफल नहीं हुए।
30 दिसंबर, 2016 के पहले पुराने नोट जमा नहीं करा पाने के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई कंपनियों को पोस्ट डेटेड चेक जारी किए थे लेकिन बैंक द्वारा रकम जमा न करने की स्थिति में चेक बाउंस हो गए। जिस कारण उन पर आपराधिक मुकदमे का खतरा भी मंडरा रहा है।