सुकेश की पत्नी की जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने 200 करोड़ की गैर-कानूनी वसूली के मामले में कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना पॉलोज की जमानत याचिका पर विचार करने से सोमवार को इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर हैं। जस्टिस अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से पिछली बार जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद से परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आरोप काफी गंभीर हैं। क्षमा करें। हमने फैसला ले लिया है। हाईकोर्ट पहले ही मामले की पड़ताल कर चुका है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद: 10 नवंबर को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट 10 नवंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें मथुरा की अदालत में लंबित श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से संबंधित सभी मामलों को अपने पास स्थानांतरित कर लिया था। हाईकोर्ट के 26 मई के आदेश को चुनौती देने वाली कमेटी ऑफ मैनेजमेंट ट्रस्ट शाही मस्जिद ईदगाह द्वारा दायर याचिका को जस्टिस संजय किशन कौल और सुधांशु धूलिया की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए रखा गया। इससे पहले शीर्ष कोर्ट ने 3 अक्तूबर को हाईकोर्ट रजिस्ट्रार से उन सभी मुकदमों के बारे में अपेक्षित जानकारी पेश करने को कहा था, जिन्हें 26 मई के आदेश के अनुसार स्थानांतरित किया जाना था। सोमवार को संक्षिप्त सुनवाई के दौरान पीठ को बताया गया कि उच्च न्यायालय की ओर से एक हलफनामा दायर किया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि हम इस पर गौर करेंगे। हम देखना चाहेंगे कि उच्च न्यायालय क्या कहना चाहता है।
दिव्यांग व्यक्तियों से जुड़े मामले में डेटा एकत्र करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र से कहा कि वह समाज के अन्य वर्गों के लिए शुरू की गई योजनाओं की तुलना में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए शुरू की गई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से डेटा एकत्र करे। कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया, जिसमें उस कानून को लागू करने की मांग की गई थी, जो दिव्यांग लोगों को समान सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत अन्य लोगों की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक सहायता प्रदान करता है। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार से छह सप्ताह के भीतर डेटा एकत्र करने और एक स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। इससे पहले शीर्ष अदालत ने 25 सितंबर को दिल्ली स्थित संगठन 'भूमिका ट्रस्ट' द्वारा दायर याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
उपराज्यपाल के फैसले के खिलाफ अदालत का रुख करें: कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार से कहा कि वह 437 स्वतंत्र सलाहकारों को बर्खास्त करने के उपराज्यपाल के फैसले के खिलाफ अपनी याचिका के साथ हाईकोर्ट का रुख करे। स्वतंत्र सलाहकारों की नियुक्ति अरविंद केजरीवाल सरकार द्वारा की गई थी। प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि दिल्ली में सेवाओं पर नियंत्रण को लेकर केंद्र के हालिया कानून को चुनौती देने वाली दिल्ली सरकार की याचिका को पहले ही 20 जुलाई के एक आदेश द्वारा संविधान पीठ को भेजा जा चुका है।