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Supreme Court Updates: मणिपुरी युवती की मौत मामले में अब CBI जांच; हेमंत सोरेन की याचिका पर अप्रैल में सुनवाई

Tue, 26 Mar 2024 05:57 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, मणिपुरी युवती की मौत मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच करेगा। दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश निरस्त करते हुए शीर्ष अदालत ने जनता के भरोसे पर भी टिप्पणी की। बता दें कि 2013 में दक्षिणी दिल्ली में एक किराए के घर में 25 साल की युवती की रहस्यमयी मौत हुई थी।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने 25 वर्षीय मणिपुरी युवती की मौत के मामले में कहा, अनसुलझे अपराध कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थापित संस्थानों में जनता के विश्वास को कम कर देते हैं। शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को निरस्त कर मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा, जाहिर तौर पर 25 साल की युवती के लिए आत्महत्या करने का कोई कारण नहीं दिखता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला नहीं लगता है। अपराध स्थल पर फर्श पर खून बिखरा हुआ पाया गया। बिस्तर पर बिछी चादर खून से सनी हुई थी। यह हत्या जैसी प्रतीत होती है। इसलिए दोषियों को दोषी ठहराया जाना चाहिए।

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सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्ष जांच पर क्या कहा?
न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपराधिक जांच निष्पक्ष और प्रभावी दोनों होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा, जांच की निष्पक्षता पर हम कुछ नहीं कहते... लेकिन यह तथ्य कि जांच प्रभावी नहीं रही है। मृतकों के रिश्तेदार मणिपुर में रहते हैं। उन्हें दिल्ली में अधिकारियों से संपर्क करने में वास्तविक और तार्किक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद उनकी आशा बरकरार है। उन्होंने देश की न्याय प्रणाली में भरोसा और विश्वास दिखाया है। 

सीबीआई जांच क्यों जरूरी? सुप्रीम कोर्ट ने इसका भी जवाब दिया
सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक मामले की उचित जांच और अपीलकर्ताओं के मन में किसी भी संदेह को दूर करने के लिए सीबीआई जांच होनी चाहिए। अदालत ने साफ किया कि वास्तविक दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए इस मामले को सीबीआई को सौंपना जरूरी है।
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11 साल पहले हुई मौत के मामले में हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
हाईकोर्ट ने जांच को सीबीआई को स्थानांतरित करने की उसके चचेरे भाई की याचिका को खारिज कर दिया था। गौरतलब है कि मृतका एएस रींगमफी का शव 29 मई, 2013 को किराए के मकान में मिला था। मकान मालिक ने सुबह 11 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को फोन किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का पता नहीं लगा।

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सुप्रीम कोर्ट में झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की याचिका; एक अप्रैल को सुनवाई

सीएम हेमंत सोरेन (फाइल) - फोटो : ANI
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की याचिका पर उच्चतम न्यायालय में एक अप्रैल को सुनवाई होगी। उन्होंने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने हेमंत को विधानसभा सत्र में भाग लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि सोरेन की याचिका पर एक अप्रैल को सुनवाई होगी। सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 31 जनवरी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था।

राजधानी रांची के केंद्रीय कारागार में बंद हैं पूर्व मुख्यमंत्री
सोरेन ने झारखंड उच्च न्यायालय से विधानसभा के बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगी थी। झारखंड विधानसभा का सत्र 23 फरवरी को शुरू हुआ और 2 मार्च को समाप्त हुआ। 28 फरवरी को उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। सोरेन फिलहाल न्यायिक हिरासत के तहत बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद हैं।
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