सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एंटीलिया मामले में मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी प्रदीप शर्मा की अंतरिम जमानत दो हफ्ते के लिए बढ़ा दी है। बता दें कि प्रदीप शर्मा पर मनसुख हिरेन की हत्या में शामिल होने का आरोप है। प्रदीप शर्मा की पत्नी की सर्जरी होनी है और चिकित्सीय कारणों से यह सर्जरी टल रही है, जिसकी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने फिर से प्रदीप शर्मा की जमानत दो हफ्ते के लिए बढ़ा दी है।
पीठ ने कहा- दो हफ्ते बाद करना होगा आत्मसमर्पण
जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने जमानत याचिका बढ़ाने का निर्देश देते हुए ये भी कहा कि अंतरिम जमानत बार-बार बढ़ रही है, इसलिए यह आखिरी बार ही विस्तार किया जा रहा है। पीठ ने कहा कि अगर इस बार सर्जरी नहीं हुई तो याचिकाकर्ता को दो हफ्ते बाद आत्मसमर्पण करना होगा और अब अंतरिम जमानत में कोई विस्तार नहीं होगा।
प्रदीप शर्मा के वकील ने दी ये दलील
प्रदीप शर्मा की तरफ से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। रोहतगी ने कोर्ट को बताया कि शर्मा की पत्नी का ब्लड प्रेशर सामान्य नहीं हो पा रहा है, जिसकी वजह से सर्जरी में देरी हो रही है। पीठ ने रोहतगी से कहा कि जब प्रदीप शर्मा आत्मसमर्पण कर देंगे तो कोर्ट उनकी जमानत याचिका पर विचार करेगा। वहीं एनआईए की तरफ से पेश हुए वकील अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि प्रदीप शर्मा बार-बार अलग-अलग कारणों से अंतरिम जमानत बढ़वा रहे हैं।
प्रदीप शर्मा पर है ये आरोप
बता दें कि इससे पहले पांच जून को सुप्रीम कोर्ट ने प्रदीप शर्मा को तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत दी थी। बाद में 26 जून को फिर से चार हफ्ते की जमानत दे दी गई। बता दें कि मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के पास 25 फरवरी 2021 में एक विस्फोटक लदी गाड़ी मिली थी। यह गाड़ी बिजनेसमैन मनसुख हिरेन की थी, बाद 5 मार्च 2021 को थाणे में मनसुख हिरेन का शव बरामद हुआ था। आरोप है कि पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वझे ने मनसुख की हत्या की और प्रदीप ने इसमें वझे की मदद की थी।
न्याय व्यवस्था आदिवासी इलाकों में पहुंची
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश भूषण गवई ने शनिवार को महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले की अहेरी तालुका में जिला न्यायालय का उद्घाटन किया। इस दौरान जस्टिस गवई ने कहा कि अब आदिवासी इलाकों में भी न्याय व्यवस्था पहुंच गई है। जस्टिस गवई ने कहा कि अहेरी में कोर्ट की मदद से अहेरी, मुलचेरा, सिरोंचा, भामरागढ़, एत्तापल्ली तालुका के लोगों को काफी फायदा होगा। बता दें कि अहेरी मुख्यालय गढ़चिरौली से करीब 100-125 किलोमीटर दूर है। अभी तक कोर्ट ना होने से लोगों को गढ़चिरौली जाना पड़ता था लेकिन अब जिला न्यायालय खुलने के बाद लोगों को न्याय पाने में आसानी होगी। डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र में 24 नई अदालतें और 138 फास्ट ट्रैक अदालतें बनाई जा रही हैं। साथ ही राज्य में परिवार न्यायालयों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।