यह मामला एक बड़े अंतर-राज्यीय बाल तस्करी रैकेट के बारे में है, जिसमें कई आरोपियों ने कथित तौर पर बच्चों का अपहरण किया और उन्हें राजस्थान, बिहार और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों में निःसंतान दंपतियों को बेच दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी में सफाईकर्मी पिंकी और उसके पति को तुरंत वापस काम पर रखने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में बच्चों की तस्करी का आरोप लगाने वाली उनकी अर्जी पर संज्ञान लिया था। जिसके बाद नगर निगम के ठेकेदार ने दोनों को नौकरी से निकाल दिया था। जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ ने सफाईकर्मी दंपती को आज दोपहर 12 बजे तक फिर से नौकरी पर बहाल करने का आदेश दिया।
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पीठ ने की सख्त टिप्पणी
पीठ ने कहा, 'जो हमारे संज्ञान में लाया गया, वह बेहद ही दुखी और हैरान करने वाला है। हमें बताया गया कि पिंकी और उसका पति दोनों नगर निगम में एक ठेकेदार के तहत बतौर सफाईकर्मी काम करते थे। अदालत ने जब उनकी याचिका पर संज्ञान लिया तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। हमने साफ कहा है कि दंपती को तुरंत बहाल किया जाए और अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो संबंधित प्राधिकरण को बर्खास्त किया जाएगा।'
बाल तस्करी का मामला
दरअसल यह मामला एक बड़े अंतर-राज्यीय बाल तस्करी रैकेट के बारे में है, जिसमें कई आरोपियों ने कथित तौर पर बच्चों का अपहरण किया और उन्हें राजस्थान, बिहार और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों में निःसंतान दंपतियों को बेच दिया। इस मामले में गरीब बच्चों का अपहरण किया गया और उन्हें विभिन्न राज्यों में बेच दिया गया। जांच में पता चला कि यह पूरा रैकेट व्यवस्थागत तरीके से चल रहा था। मामले में याचिकाकर्ता पिंकी के बच्चे का भी इसी तरह अपहरण कर उसे बेच दिया गया था, जिसके बाद पिंकी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और अदालत का रुख किया।