जस्टिस मदन बी लोकुर को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने विदाई पार्टी दी। जस्टिस लोकुर 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होंगे। हालांकि क्रिसमस और सर्दी की छुट्टियों के कारण शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में उनका आखिरी कार्यदिवस था। कार्यक्रम में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल भी उपस्थित रहे।
जस्टिस लोकुर की प्रशंसा करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उनके पास असाधारण क्षमताओं के साथ सांविधानिक मूल्यों, मानव आदर्शों और भारतीय समाज की समग्र सहानुभूति के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता है। यह मेरे लिए काफी भावनात्मक है क्योंकि एक मित्र के तौर पर उनके संपर्क में रहूंगा, लेकिन कई कारणों से मुझे ऐसा लगेगा कि मेरी दायां हाथ नहीं है। इतने वर्षों तक मैं उन पर काफी निर्भर था।
गौरतलब है कि जस्टिस लोकुर इस साल 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के चार जजों द्वारा की गई प्रेस कांफ्रेंस में भी शामिल रहे थे। जस्टिस लोकुर ने कहा कि हम न्यायपालिका की आजादी के बारे में बात करते हैं, हां यह बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन बार की आजादी के बारे में क्या है। मुझे लगता है कि यह उतना ही महत्वपूर्ण है। बार न्यायपालिका या किसी अन्य संस्थान के अधीनस्थ नहीं हो सकता और न ही होना चाहिए। मुझे लगता है कि हम ऐसा करने में सक्षम हैं।