याचिकाकर्ता ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से रोड को क्लीयर रखने के लिए दिए गए विभिन्न निर्देशों के बावजूद अभी भी रास्ते बंद हैं, जिससे उन जैसे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक प्रशासनिक विफलता है क्योंकि आम लोगों को परेशानी न होइसके लिए अदालत पहले ही आदेश दे चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को यह सुनिश्चत कराने के निर्देश दिए हैं कि सड़क खाली कराई जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को होगी।