पश्चिम बंगाल में मतगणना वाले दिन (दो मई) को दो भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की जांच सीबीआई या एसआईटी से कराने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (18 मई) को पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका मृतकों के परिजनों की ओर से दायर की गई है और आरोप लगाया गया है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं ने इन दोनों की कथित तौर पर हत्या की है।
कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कहा
जस्टिस विनीत शरण और जस्टिस वीआर गवई की पीठ ने मृतक भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार के भाई विश्वजीत सरकार और हरेन अधिकारी की विधवा द्वारा दायर इस याचिका पर राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। पीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार को भी याचिका की प्रति सौंपने के लिए कहा है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील का पुलिस पर आरोप
इससे पहले सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कहा कि दो मई के दिन जब मतगणना चल ही रही थी, उसी वक्त दो भाजपा कार्यकर्ताओं की नृशंस हत्या कर दी गई। बावजूद इसे लेकर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। लिहाजा इस मामले की जांच सीबीआई या एसआईटी को सौंपी जानी चाहिए।
जेठमलानी ने यह भी बताया कि अभिजीत सरकार के शव का अब तक अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि शव के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी की जाए। इधर, परिवार वालों का कहना है कि उन्हें राज्य पुलिस पर विश्वास नहीं है।