सौम्या दुष्कर्म केस में फैसला देने वाले जजों के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायमूर्ति मार्केण्डय काटजू को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह पहला ऐसा मामला है जब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज को अवमानना नोटिस जारी किया गया है। इतना ही नहीं, एक वक्त तो ऐसा भी आया जब सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षाकर्मी से काटजू को अदालत कक्ष से बाहर ले जाने तक के लिए कह दिया।
न्यायमूर्ति रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने जस्टिस काटजू को अवमानना नोटिस जारी करते हुए कहा कि आपने अपने ब्लॉग में फैसले को लेकर नहीं, बल्कि फैसला देने वाले जजों के खिलाफ टिप्पणी की है। अवमानना नोटिस जारी करने से विफरे जस्टिस काटजू ने पीठ की अध्यक्षता कर रहे जज से कहा, ''मिस्टर गोगई मुझे धमकी न दी जाए। आपको जो करना है कीजिए। मेरे साथ आप मजाक मत कीजिए।''
जस्टिस काटजू ने अपने ब्लॉग पर कहा था कि सौम्या रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला गलत है। उन्होंने फैसला देने वाले जजों के खिलाफ टिप्पणी की थी। जस्टिस काटजू ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर यह बताने की कोशिश की कि आखिरकार फैसला गलत क्यों है। लेकिन जस्टिस काटजू की दलीलों से पीठ सहमत नहीं हुई। इसके साथ ही पीठ ने केरल सरकार द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। जस्टिस काटजू और राज्य सरकार का कहना था कि आरोपी गोविंदास्वामी को रेप में ही नहीं, बल्कि हत्या का भी दोषी ठहराया जाना चाहिए।