झारखंड नगर निकाय चुनाव में ओबीसी को आरक्षण नहीं देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हेमंत सोरेन सरकार को नोटिस जारी किया है। याची सांसद चंद्रप्रकाश ने आरोप लगाया था कि हेमंत सोरेन सरकार ने पंचायत चुनाव के पहले शीर्ष अदालत में जो हलफनामा दायर किया था उसका पालन नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए झारखंड सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह नोटिस झारखंड नगर निकाय चुनाव में ओबीसी को आरक्षण नहीं देने के मामले में जारी की है। दरअसल, सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने नगर निकाय चुनाव में ओबीसी को आरक्षण नहीं देने और अदालत की अवमानना का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की थी।
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उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने पंचायत चुनाव के पहले शीर्ष अदालत में जो हलफनामा दायर किया था उसका पालन नहीं किया। सरकार ने अपने द्वारा दाखिल हलफनामा के खिलाफ जाकर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करते हुए ओबीसी वर्ग को आरक्षण दिए बिना निकाय चुनाव कराने का निर्णय ले लिया।
उनकी याचिका पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अमित कुमार ने उनका पक्ष रखा। गौरतलब है कि इसी साल राज्य में हुए पंचायत चुनावों से पहले सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण लागू करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी। उस याचिका पर सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार ने एक हलफनामा दाखिल करते हुए बताया था कि ओबीसी आरक्षण से संबंधित ट्रिपल टेस्ट प्रक्रियाधीन है। झारखंड सरकार भविष्य में होने वाले चुनाव में ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया को पूरा कर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ओबीसी आरक्षण के संदर्भ में दिए गए निर्देश का पूरी तरह से पालन करेगी।