आज सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 35A पर होने वाली सुनवाई टल गई है। केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल ने समय की मांग की जिसपर कोर्ट ने तीन महीनों के लिए सुनवाई टाल दी। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने जम्मू-कश्मीर में लागू आर्टिकल 35A को भंग करने के लिए दायर की गई याचिका की सुनवाई की।
Supreme Court amends its order, says, it would hear #Article35A matter after three months.
— ANI (@ANI) October 30, 2017
यह याचिका 'वी द सिटिजन' नाम के एक एनजीओ ने दायर की थी। उन्होंने कहा था कि आर्टिकल 35A और आर्टिकल 370 से जम्मू कश्मीर को जो विशेष दर्जा मिलता है वह भारत के बाकी लोगों के साथ भेदभाव की तरह है।
याचिका में कहा गया है कि यह भारतीयों को अलग करने का आर्टिकल है। हालांकि, इसके समर्थन में अलगावादी नेता ही नहीं मुफ्ती सरकार भी कई बार बोल चुकी है। सीएम मुफ्ती ने कहा था कि अगर 35ए राज्य से हटाया जाता है तो राज्य में कोई तिरंगा लहराने वाला नहीं रहेगा।
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दरअसल कश्मीर के नागरिकों को मिले विशेषाधिकार की वजह से बाहर के लोग वहां जमीन नहीं खरीद सकते, ना ही हमेशा के लिए बसने जा सकते। इतना ही नहीं बाहर के लोग राज्य सरकार की स्कीमों का लाभ नहीं उठा सकते और ना ही सरकार के लिए नौकरी कर सकते हैं।